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    'ट्रंप के इशारों पर काम नहीं करता', नेतन्याहू ने लेबनान से सेना हटाने से किया इनकार

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 12:26 PM (IST)

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल और अमेरिका स्वतंत्र राष्ट्र हैं, जो अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार कार्य करते हैं। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. इजरायल और अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों पर स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं

    2. नागरिकों की सुरक्षा के लिए दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना रहेगी तैनात- नेतन्याहू

    डिजिटल डेस्क, यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यरूशलेम में JNS समिट को संबोधित करते ट्रंप के साथ अपने संबंधों पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि इजरायल और अमेरिका दोनों स्वतंत्र राष्ट्र हैं और वे अपने-अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार कार्य करते हैं।

    नेतन्याहू ने कहा, "अमेरिका में लोग कहते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप वही करते हैं जो मैं उनसे कहता हूं। वहीं इजरायल में कुछ लोग सोचते हैं कि मैं वही करता हूं जो ट्रंप चाहते हैं। लेकिन दोनों ही बातें गलत हैं। हम ट्रंप के इशारे पर काम नहीं करते। हम आजाद और गौरवशाली देश के नेता हैं।"

    इजरायल की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

    इजरायली पीएम ने कहा कि हमारी प्राथमिकता इजरायल की सुरक्षा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अक्सर अमेरिका-इजरायल की राय एक जैसी होती है। कभी-कभी नहीं भी होती। लेकिन, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हम एक-दूसरे की संप्रभुता, नेतृत्व और अपने लोगों के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं।"

    हमने ईरान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया

    यरुशलम में आयोजित जेएनएस शिखर सम्मेलन में नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर इजरायली सेना ने इतिहास का सबसे बड़ा हवाई अभियान चलाया और ईरान के परमाणु ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन हमने इस दौरान सिर्फ ईरान पर ही हमला नहीं किया, बल्कि ईरान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।

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    दक्षिणी लेबनान में तैनात रहेगी इजरायली सेना

    वहीं, स्वीटजरलैंड में चल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इस बातचीत का परिणाम चाहे जो भी हो, वे ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जब तक जरूरत महसूस होगी तब तक इजरायली सेना दक्षिण लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेगी।

    लेबनान का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा, इजरायल का विवाद ईरान समर्थित हिजबुल्लाह समूह से है, न कि लेबनान से, मुझे उम्मीद है कि अगर हिजबुल्लाह इजरायली सुरक्षा को खतरा देना बंद कर दे तो लेबनान के साथ शांति का रास्ता निकल सकता है।

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