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    ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बारूदी सुरंगें बिछाने से किया इनकार; खामेनेई की पत्नी के जीवित होने के दावे से मचा हड़कंप

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 10:44 PM (IST)

    मध्य पूर्व में युद्ध के गहराते बादलों के बीच दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में बारूदी सुरंगों क ...और पढ़ें

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    ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बारूदी सुरंगें बिछाने से किया इनकार (फोटो- रॉयटर)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में युद्ध के गहराते बादलों के बीच आज, 12 मार्च 2026 को दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में बारूदी सुरंगों को लेकर दावों और प्रति-दावों का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के परिवार को लेकर विरोधाभासी खबरें मिल रही हैं। इन घटनाओं ने वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य: 'सुरंगें नहीं बिछाई जा रही हैं'

    ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने आज एक आधिकारिक बयान जारी कर उन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान इस व्यस्त समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछा रहा है।

    अमेरिकी कार्रवाई

    यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने 10 मार्च को सुरंग बिछाने में सक्षम 16 ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया है।

    ट्रंप की चेतावनी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि वहां कोई भी सुरंग मिली, तो ईरान को इसके "अभूतपूर्व" परिणाम भुगतने होंगे।

    राहत की खबर

    तनाव के बीच, रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकरों को इस जलमार्ग से सुरक्षित निकलने की अनुमति दे दी है, जो नई दिल्ली और तेहरान के बीच सफल कूटनीति का संकेत है।

    मंसूरा खोजस्ते बघेरजादे के जीवित होने की रिपोर्ट

    एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, ईरानी मीडिया ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की पत्नी, मंसूरा खोजस्ते बघेरजादे की मृत्यु का दावा किया गया था।

    ताजा रिपोर्टों के अनुसार, 79 वर्षीय मंसूरा खोजस्ते अभी जीवित हैं। इससे पहले 2 मार्च 2026 को आई खबरों में कहा गया था कि इजरायली-अमेरिकी हमलों में घायल होने के बाद कोमा में उनकी मृत्यु हो गई थी।

    संदेह का माहौल: तेहरान से आ रही इस विरोधाभासी जानकारी ने अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों को उलझन में डाल दिया है, जिससे खामेनेई परिवार की वास्तविक स्थिति पर सस्पेंस बना हुआ है।

    मोजतबा खामेनेई का कड़ा रुख

    ईरान के नए सर्वोच्च नेता, मोजतबा खामेनेई ने अपना पद संभालने के बाद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपने पिता के "बदले" का संकल्प दोहराया है और पश्चिमी देशों के लिए होर्मुज के रास्ते बंद रखने के संकेत दिए हैं। इस अस्थिरता के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।