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    Middle East War: ईरान में लारीजानी-सुलेमानी के बाद खतीब की मौत; खाड़ी देशों पर की मिसाइलों की बौछार; बेरूत में बारूद की बारिश

    Updated: Wed, 18 Mar 2026 10:57 PM (IST)

    इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष तेज हो गया है। इजरायल ने ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को एक हमले में मार गिराया है, साथ ही अन्य अधिकारियों को ...और पढ़ें

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    इजरायल ने ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को मार गिराया

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध फिलहाल थमने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। इजरायल ने ईरानी नेताओं को निशाना बनाने का अपना अभियान जारी रखा है और उसने ईरान के खुफिया विभाग के मंत्री इस्माइल खतीब को भी मार गिराया है। इससे पहले मंगलवार को उसने ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और रिवोल्यूशनरी गार्ड की 'बसीज फोर्स' के प्रमुख मेजर जनरल गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराया था।

    दोनों का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इजरायल ने ईरान के समुद्र में स्थित एक प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर भी हमला किया गया है। इन हमलों से बौखलाए ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिका के सहयोगी देशों पर मिसाइलों की बौछार तेज कर दी है। वह तेल क्षेत्रों के साथ-साथ उनके सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। बुधवार को ईरान ने सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत पर हमला किया, जहां उसके कई तेल क्षेत्र स्थित हैं।

    Esmail Qaani

    ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

    इसके साथ ही उसने कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात पर भी हमले किए। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बुधवार को कहा कि ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को रात में किए गए एक हमले में मार गिराया गया। बाद में ईरान ने भी उनके मारे जाने की पुष्टि की। काट्ज ने कहा कि ईरान को आगे भी 'बड़े आश्चर्यों' का सामना करना पड़ेगा। इजरायल ने लेबनान में भी कई हमले किए, जिनका मकसद ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह लड़ाकों को निशाना बनाना था।

    इन हमलों में बेरूत की कई अपार्टमेंट इमारतों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम एक दर्जन लोग मारे गए। इजरायली सेना ने दावा किया कि हिज्बुल्लाह इस इमारत का इस्तेमाल अपनी गतिविधियों के लिए करोड़ों डालर जमा करने के लिए कर रहा था। एक हवाई हमले में ईरान के दक्षिणी फार्स प्रांत के लारेस्तान में एक अदालत परिसर को निशाना बनाया गया। इसमें कम से कम आठ लोग मारे गए। ईरान के बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर पर भी मंगलवार रात एक मिसाइल हमला हुआ, लेकिन इससे संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

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    उधर, ईरान और उसके सहयोगी संगठन भी पलटवार करने में कोई कोताही नहीं कर रहे हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को कहा कि उसने मध्य इजरायल को कई वारहेड वाली मिसाइलों से निशाना बनाया है। इन मिसाइलों में मिसाइल-रक्षा प्रणालियों को चकमा देने की संभावना अधिक होती है और ये रडार ट्रेकिंग प्रणालियों को भी पंगु बना सकती हैं।

    जवाबी हमले जारी 

    एक फुटेज में एक ऐसी मिसाइल दिखाई दी, जिसने इजरायल के ऊपर 'क्लस्टर बम' गिराए। ईरान की एक समाचार एजेंसी 'मीजान' ने बताया कि ईरान ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को मौत की सजा दी है। उसकी पहचान कुरुश कीवानी के रूप में की गई है।

    आरोप है कि उसने इजरायल को संवेदनशील जगहों की तस्वीरें और जानकारी दी थी। वहीं, सऊदी अरब ने रियाद के राजनयिक क्षेत्र को निशाना बनाने वाले दो ड्रोन मार गिराए। इसी क्षेत्र में अमेरिकी दूतावास और अन्य विदेशी दूतावास स्थित हैं। दो इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को लगातार दूसरे दिन बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला किया गया। युद्ध शुरू होने के बाद से इराक में सक्रिय मिलिशिया समूह नियमित रूप से अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।

    ईरान का दावा, खुला है होर्मुज

    ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री यातायात को बाधित करना जारी रखा है। हालांकि उसका दावा है कि यह जलमार्ग खुला है, लेकिन अमेरिका या उसके कई सहयोगी देशों के लिए नहीं। युद्ध शुरू होने के बाद से कुछ जहाज वहां से गुजरने में सफल रहे हैं। इनमें कुछ ईरानी जहाज थे, तो कुछ भारत, तुर्किये और अन्य देशों के जहाज भी शामिल थे। बहरहाल, तेल आपूर्ति रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतें 108 डालर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जो युद्ध शुरू होने के बाद से 40 प्रतिशत से भी अधिक की बढ़ोतरी है।

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    इराक व सऊदी से पाइपलाइन के जरिये निर्यात

    पिछले सप्ताह फारस की खाड़ी में अपने मुख्य तेल टर्मिनल पर परिचालन रोकने वाले इराक ने बुधवार को कहा कि उसने उत्तरी इराक के स्वायत्त कुर्द प्रशासन के साथ एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत अब एक पाइपलाइन के माध्यम से तुर्किये के भूमध्यसागरीय बंदरगाह सेहान तक प्रतिदिन 2.5 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात शुरू किया जाएगा। सऊदी अरब भी पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बाईपास करके अपने कुछ तेल को देशभर में फैली पाइपलाइन के जरिये भेजता है, ताकि उसे लाल सागर के किसी बंदरगाह से जहाजों द्वारा आगे भेजा जा सके।

    ट्रंप बोले, हमें किसी मदद की जरूरत नहीं

    होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में मदद के लिए जहाज भेजने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील के बावजूद कोई भी सहयोगी देश आगे नहीं आया है। इससे ट्रंप हताश लग रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की, ''हमें किसी की मदद की जरूरत नहीं है!'

    ईरान का राजनीतिक ढांचा बेहद मजबूत: अराघची

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि देश का राजनीतिक ढांचा बेहद मजबूत है और हालिया घटनाक्रम से ईरान के नेतृत्व को कोई गहरा नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा,'मुझे नहीं पता कि अमेरिकी और इजरायली अब तक यह बात क्यों नहीं समझ पाए हैं कि किसी एक व्यक्ति की मौजूदगी या गैरमौजूदगी से इस ढांचे पर कोई असर नहीं पड़ता।

    भले ही व्यक्ति प्रभावशाली होते हैं और हर कोई अपनी भूमिका निभाता है- कोई बेहतर, कोई कम बेहतर, कोई थोड़ी कम; लेकिन सबसे अहम बात यह है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था बहुत ही ठोस है।'