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    ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर भेजा जवाब, होर्मुज तनाव के बीच बढ़ी हलचल

    Updated: Mon, 11 May 2026 03:59 AM (IST)

    ईरान ने पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर पाकिस्तान के माध्यम से अपना जवाब भेज दिया है। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव ...और पढ़ें

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    ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर भेजा जवाब (फाइल फोटो)

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में दो महीने से अधिक समय से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। ईरान ने अमेरिका के 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर अपना जवाब मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के माध्यम से ट्रंप प्रशासन के पास भेज दिया है।

    पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, अमेरिका में ईरान के जवाब की समीक्षा की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों पक्षों के बीच इस सप्ताह पाकिस्तान में शांति वार्ता हो सकती है। हालांकि, युद्धविराम की कोशिशों के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।

    दोनों पक्ष अस्थायी समझौते पर कर रहे काम

    ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान के जवाबी प्रस्ताव में फिलहाल प्राथमिकता क्षेत्र में सैन्य कार्रवाइयों को रोकने और तनाव कम करने को दी गई है। आईआरआईबी के अनुसार, ईरान के जवाब में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की शर्त रखी गई है।

    सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष फिलहाल एक अस्थायी समझौते पर काम कर रहे हैं, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात सामान्य रखा जा सके। इसके बाद परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर व्यापक वार्ता आगे बढ़ेगी। हालांकि, ईरान के जवाबी प्रस्ताव का खुलासा नहीं किया गया है।

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    एपी के अनुसार, यूएई ने रविवार को दावा किया कि उसने ईरान से जुड़े दो ड्रोन हमलों को विफल किया। कुवैत ने भी कहा कि उसकी हवाई सीमा में कई ड्रोन घुसे, जिन्हें इंटरसेप्ट कर लिया गया। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों से इन्कार किया है। कतर के तट से करीब 43 किलोमीटर दूर खड़े एक जहाज में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।

    एएनआइ के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड, सेंटकाम, ने दावा किया कि अब तक 61 जहाजों को होर्मुज में वापस भेजा जा चुका है, जबकि चार जहाज निष्कि्रय किए जा चुके हैं। एएनआइ के अनुसार, तनाव के बीच राहत की खबर यह रही कि पनामा और कतर के झंडे वाले दो मालवाहक जहाज ईरान द्वारा तय समुद्री मार्ग से सुरक्षित होर्मुज पार कर गए।

    IRGC की चेतावनी

    इनमें कतर एनर्जी का एलएनजी जहाज 'अल खारैतियात' पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ, जबकि 'एमडीएल तूफान' ब्राजील की ओर बढ़ा। बताया जाता है कि खाड़ी युद्ध शुरू होने के बाद से कतर के एलएनजी लदे पहले जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया है।

    आइएएनएस के अनुसार, आइआरजीसी ने चेतावनी दी कि ईरानी तेल टैंकरों या व्यापारिक जहाजों पर हमला हुआ तो अमेरिकी सैन्य अड्डों और युद्धपोतों को निशाना बनाया जाएगा। आइआरजीसी की एयरोस्पेस डिवीजन ने भी एक्स पर एक अलग पोस्ट में दावा किया कि उसके मिसाइल और ड्रोन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों और युद्धपोतों पर नजर बनाए हुए हैं।

    बयान में कहा गया, "हम केवल कार्रवाई के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।" इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट में जहाज मालिकों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा युद्धपोत तैनात करने की योजना पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

    उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिये चेतावनी दी है कि होर्मुज में फ्रांस और ब्रिटेन के युद्धपोत तैनात किए गए तो उनसे निर्णायक तरीके से निपटा जाएगा। एएनआइ ने फार्स समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि ईरान के सशस्त्र बलों की संयुक्त कमान के प्रमुख अली अब्दोल्लाही ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की, जिसमें उन्हें सैन्य अभियानों और दुश्मनों से सख्ती से निपटने के लिए नए दिशा-निर्देश दिए गए।

    हालांकि बैठक कब हुई, इसकी जानकारी नहीं दी गई।न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि बातचीत आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा का माध्यम है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के भूमिगत उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार पर अमेरिका की लगातार नजर है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, "यदि कोई उस जगह के करीब पहुंचा तो हमें तुरंत पता चल जाएगा और हम उसे उड़ा देंगे।"

    खार्ग से समुद्र में बहा 3000 बैरल तेल, ईरान का इनकार

    ईरान के सामरिक महत्व के द्वीप खार्ग से तेल रिसाव की खबरें हैं। न्यूयार्क टाइम्स ने आर्बिटल ईओएस नाम की संस्था के हवाले से दावा किया कि समुद्र में करीब 51 वर्ग मील से ज्यादा इलाके में तेल फैल चुका है। उपग्रह से जारी तस्वीरों में खाड़ी में देश के मुख्य तेल निर्यात हब के पश्चिम में एक चिकनी परत दिखी थी, जिस आधार पर रिसाव का दावा किया गया था।

    अनुमान है कि 3,000 बैरल से ज्यादा तेल पानी में बहा है। हालांकि, रायटर के अनुसार, ईरान ने खार्ग द्वीप में तेल रिसाव की खबरों का खंडन किया है। ईरान की आयल टर्मिनल्स कंपनी ने तेल लीक की खबरों को बेबुनियाद बताया है।

    कंपनी अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रीय सामुद्रिक प्रदूषण निकाय, मरीन इमरजेंसी म्युचुअल एड सेंटर (एमईएमएसी) ने रिपोर्ट दी है कि किसी तरह के तेल रिसाव के संकेत नहीं मिले हैं। ईरानी अधिकारियों ने भी क्षेत्र का निरीक्षण किया और प्रयोगशाला में परीक्षण के आधार पर इन खबरों का खंडन किया है।

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