गाजा में तुर्किए की एंट्री के अमेरिकी प्लान पर बिफरा इजरायल, यह कदम नीति के विपरीत बताया
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने शनिवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा इस सप्ताह की गई घोषणा इजरायल के साथ समन्वय के बगैर की गई और यह उस ...और पढ़ें

गाजा में तुर्किए की एंट्री के अमेरिकी प्लान पर बिफरा इजरायल (फोटो- रॉयटर)
रॉयटर, तेल अवीव। एक असामान्य घटनाक्रम में इजरायल ने गाजा को लेकर अमेरिकी नीति पर कड़ा एतराज जताया है। इससे दोनों देशों के बीच मतभेद उभरते दिख रहे हैं। ये विवाद गाजा के लिए गठित अमेरिकी समर्थित कार्यकारी बोर्ड की संरचना को लेकर उभरा है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने शनिवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा इस सप्ताह की गई घोषणा इजरायल के साथ समन्वय के बगैर की गई और यह उसकी सरकारी नीति के विपरीत है।
बयान में कहा गया कि विदेश मंत्री गिडोन सार इस मुद्दे को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के समक्ष उठाएंगे। हालांकि इजरायली पक्ष ने यह स्पष्ट नहीं किया कि बोर्ड की संरचना का कौन-सा हिस्सा उसकी नीति से टकराता है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें तुर्किए की भागीदारी प्रमुख वजह है।
व्हाइट हाउस द्वारा घोषित समिति में तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान को शामिल किया गया है, जबकि इजरायल लंबे समय से गाजा में तुर्किए की किसी भी भूमिका का विरोध करता रहा है।
बोर्ड में संयुक्त राष्ट्र की मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया की विशेष समन्वयक सिग्रिड कॉग, एक इजरायली-साइप्रट उद्योगपति और संयुक्त अरब अमीरात के एक मंत्री को भी जगह दी गई है। यह समिति गाजा में अस्थायी शासन की निगरानी करेगी और ट्रंप द्वारा प्रस्तावित युद्ध समाप्ति योजना के दूसरे चरण को आगे बढ़ाएगी।
इस सप्ताह वाशिंगटन ने घोषणा की थी कि गाजा के लिए अमेरिकी मसौदा संघर्ष विराम योजना अब कठिन दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है, जिसके तहत एक अंतरिम तकनीकी फलस्तीनी प्रशासन गठित किया जाना है। तथाकथित 'बोर्ड ऑफ पीस' की अध्यक्षता स्वयं ट्रंप करेंगे, जिसमें रूबियो, कारोबारी स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर भी शामिल हैं।
इजरायल की ओर से अपने करीबी सहयोगी अमेरिका की सार्वजनिक आलोचना को असामान्य माना जा रहा है, जिससे गाजा को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद उभरते दिख रहे हैं।
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