इजरायल-ईरान युद्ध की मार: संकट में दुबई का पर्यटन सेक्टर, व्यापार में भी भारी गिरावट
दुबई में पर्यटन क्षेत्र पिछले 15 दिनों से लगभग ठप्प हो गया है। फॉर्च्यून ग्रुप ऑफ होटल्स के चेयरमैन प्रवीण शेट्टी, जो 35 वर्षों से दुबई में रह रहे हैं ...और पढ़ें

संकट में दुबई का पर्यटन सेक्टर, व्यापार में भी भारी गिरावट (फोटो- रॉयटर)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल-ईरान युद्ध ने दुबई के पर्यटन क्षेत्र को गहरा झटका दिया है। संयुक्त अरब अमीरात का यह प्रमुख शहर, जो पर्यटन, व्यापार और वित्त का वैश्विक केंद्र है, अब भारी गिरावट का सामना कर रहा है। फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष ने उड़ानों को प्रभावित किया, जिससे पर्यटक संख्या में भारी कमी आई है।
पर्यटन में भारी गिरावट
दुबई में पर्यटन क्षेत्र पिछले 15 दिनों से लगभग ठप्प हो गया है। फॉर्च्यून ग्रुप ऑफ होटल्स के चेयरमैन प्रवीण शेट्टी, जो 35 वर्षों से दुबई में रह रहे हैं, ने एनडीटीवी को बताया कि यह स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान वैश्विक प्रभाव था, लेकिन यह संघर्ष से जुड़ा है, जो अलग तरह की अनिश्चितता पैदा करता है।
पिछले कुछ हफ्तों में उड़ानें रद हुईं, प्रमुख पर्यटन स्थल प्रभावित हुए और पर्यटक नहीं आ रहे हैं। विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद के अनुसार, मध्य पूर्व में पर्यटन क्षेत्र रोजाना करीब 600 मिलियन डॉलर का नुकसान झेल रहा है।
होटलों में क्षमता उपयोग केवल 30 प्रतिशत
होटल उद्योग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। शेट्टी के अनुसार, उनके छह होटलों में अब केवल 30 प्रतिशत क्षमता पर ही संचालन हो रहा है। व्यस्त मौसम होने के बावजूद कई मंजिलें बंद कर दी गई हैं, जिसमें 70 प्रतिशत कमरे रखरखाव और बिजली खर्च बचाने के लिए बंद हैं।
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे प्रमुख इलाकों में भी मेहमानों की कमी से मंजिलें खाली पड़ी हैं। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि कई होटलों में ऑक्यूपेंसी 20 प्रतिशत से नीचे गिर गई है, और कुछ में सिंगल डिजिट में पहुंचने की आशंका है।
रमजान और ईद पर उम्मीद, लेकिन चुनौतियां बरकरार
रमजान के दौरान खाद्य एवं पेय क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव है, क्योंकि इस समय कारोबार वैसे भी धीमा रहता है। शेट्टी ने कहा कि ईद के आसपास कुछ सुधार की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है। कॉर्पोरेट ग्राहक और पहले से मौजूद कुछ व्यक्तिगत यात्री थोड़ा-बहुत कारोबार दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचा तो पर्यटन में 11-27 प्रतिशत तक सालाना गिरावट आ सकती है, जबकि 2025 में दुबई ने रिकॉर्ड 19.59 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटक देखे थे।
सरकार पर भरोसा, दुबई की लचीलापन क्षमता
शेट्टी ने यूएई सरकार पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "कोविड के दौरान सरकार और मकान मालिकों ने हमारा साथ दिया, जरूरत पड़ने पर फिर मदद मिलेगी।" सुरक्षा चिंताओं के बावजूद निवासियों में दहशत नहीं है, क्योंकि यूएई सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
शेट्टी ने पद छोड़ने से इनकार करते हुए कहा, "मैं यहीं रहूंगा। मेरे हजारों कर्मचारी हैं, हम एकजुट हैं।" उद्योग जगत में यह विश्वास है कि दुबई ने पहले कई संकटों से उबरकर मजबूत वापसी की है, और यह बार भी लचीलापन दिखाएगा, लेकिन लंबे संघर्ष से अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।
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