'शेखी बघारना...' अपराधों की स्वीकार करने के बराबर, खामेनेई का अमेरिका-इजरायल पर तंज
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी और इजरायली नेताओं की आलोचना की है। उन्होंने उनके अपराधों पर डींगें हांकने को गुनाह कबूलना बताया और अंत ...और पढ़ें

खामेनेई का अमेरिका-इजरायल पर तंज। (रॉयटर्स)
HighLights
खामेनेई ने अमेरिकी-इजरायली नेताओं की कड़ी आलोचना की।
अपराधों पर डींगें हांकना गुनाह कबूलना बताया।
अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी कार्रवाई की मांग की।
डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी और इजरायली नेताओं की आलोचना की है। उन्होंने ईरान के खिलाफ किए गए अपराधों के बारे में उनकी डींगों को अपराध कबूल करने जैसा बताया और हालिया संघर्ष में हुई मौतों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने ईरान के खिलाफ किए गए युद्ध अपराधों का भी जिक्र किया, जिसमें मिनाब में स्कूली छात्राओं की मौत भी शामिल है और अधिकारियों से कानूनी तरीकों से जवाबदेही तय करने का आग्रह किया।
अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कार्रवाई होनी चाहिए- खामेनेई
खामेनेई ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों में ईरानी राष्ट्र के हर व्यक्ति को हुआ शारीरिक और मानसिक नुकसान, बच्चों की हत्या और मिनाब और लामेर्ड में युद्ध अपराधों से लेकर चिकित्सा केंद्रों पर हमलों तक, ये सभी ऐसे कानूनी मामले हैं, जिन पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं की हत्या से लेकर हमारे प्यारे बुजुर्गों तक और सबसे बढ़कर, हमारे युग के बेजोड़, अद्वितीय रत्न, हमारे महान, मुजाहिद नेता की शहादत, ये सभी उन हजारों बड़े कानूनी मामलों में से हैं जिन पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।
अपराधों की डींगें मारना जुर्म कबूल करने जैसा- खामेनेई
खामेनेई ने यह भी कहा कि अमेरिकी और इजरायली नेताओं के बयान गलत काम को कबूल करने के बराबर हैं।
उन्होंने कहा कि इन अपराधों के संबंध में अमेरिकी-यहूदी दुश्मन के कुछ नेताओं के कबूलनामे और यहां तक कि बेशर्मी से डींगें मारना, निसंदेह अपराध की स्वीकारोक्ति है और ये प्रभावी रूप से ईरानी राष्ट्र के उन अधिकारों को बहाल करने का रास्ता साफ करते हैं जिनका उल्लंघन किया गया है।