'शहीदों का व्यर्थ नहीं जाएगा बलिदान, बदला लेगा ईरान', नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का राष्ट्र के नाम पहला संदेश
ईरान-इजरायल युद्ध के 13वें दिन ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपना पहला संदेश जारी किया। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने और क्षेत्र ...और पढ़ें
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सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान-इजरायल युद्ध गुरुवार को 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस बीच गुरुवार को ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने नए सर्वोच्च नेता बनने के बाद अपना पहला संदेश जारी किया है। नियुक्ति के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की मांग की है। यह बयान राज्य टेलीविजन पर गुरुवार को एक समाचार एंकर द्वारा पढ़ा गया, जिसमें मोजतबा खामेनेई खुद कैमरे पर नहीं दिखे।
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मोजतबा का पहला संदेश
अपने पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद हाल ही में सर्वोच्च नेता नियुक्त हुए मोजतबा ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका के खिलाफ दबाव के रूप में बंद रखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने बंद होने चाहिए, अन्यथा उन पर हमले किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ' इस क्षेत्र में सभी अमेरिकी ठिकानों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।'
बंद रहेगा होर्मुज स्ट्रेट
मोजतबा खामेनेई ने मिडिल ईस्ट के पड़ोसी देशों पर हमलों को जारी रखने की बात कही और युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने और दुश्मन से मुआवजा वसूलने का संकल्प लिया। साथ ही खामेनेई ने कहा मुआवजा नहीं मिला तो दुश्मन की संपत्ति से लिया जाएगा या उतनी ही तबाही मचाई जाएगी।

चरम पर युद्ध तनाव
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में तनाव चरम पर है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। ईरान के वैध अधिकारों की मान्यता, भविष्य में हमलों की गारंटी और युद्ध क्षति का मुआवजा।
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