अमेरिका ने ही किया था ईरान के स्कूल पर हमला, कौन लेगा 165 लोगों की मौत की जिम्मेदारी?
ईरान के एक स्कूल पर हुए हमले में 165 से अधिक लोग मारे गए थे। शुरुआत में इजरायल पर शक था, फिर ट्रंप ने ईरान को दोषी ठहराया। अब जांच से पता चला है कि हम ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच शुरू हुई जंग के बाद ईरान के एक स्कूल पर हमला किया गया था, जिसमें 165 से ज्यादा लोग मारे गए थे। शुरुआत में शक की सुई इजरायल की ओर घूमी थी, लेकिन इजरायल ने इससे साफ इनकार कर दिया था। जब ट्रंप से इस हमले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे ईरान की तरफ से ही किया गया हमला बताया था।
हालांकि अब जांच में सामने आया है कि यह हमला ईरान या इजरायल ने नहीं, बल्कि अमेरिका ने किया था। जांच करने ग्रुप बेलिंगकैट ने हमले से जुड़ी एक क्लिप शेयर की है। इसमें एक बिल्डिंग पर मिसाइल गिरता हुआ दिख रहा है।
ट्रंप ने कर दिया था इनकार
इसके बाद हवा में गहरा धुआं उठ जाता है। बेलिंगकैट के रिसर्चर ट्रेवर बॉल ने वीडियो को स्कूल के पास एक जगह पर जियोलोकेट किया। उन्होंने बताया कि यह एक टॉमहॉक क्रूज मिसाइल है, जो सिर्फ अमेरिका के पास है। इसके पहले जब शनिवार को ट्रंप से हमले के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने साफ तौर पर कह दिया था कि यह ईरान का काम है।
अमेरिका को जिम्मेदार ठहराने की एक और वजह स्कूल की लोकेशन है। यह स्कूल रिवोल्यूशनरी गार्ड बेस के बगल में स्थित है और पास में ही नेवल यूनिट का बैरक है। अमेरिका ने नेवल टारगेट पर ही फोकस किया। जबकि इजरायल का पूरा फोकस ईरान के उन इलाकों में रहा है, जो इजरायल के बॉर्डर के करीब हैं।
इजरायल ने 800 किमी दूर इस्फहान के दक्षिण में अभी तक कोई स्ट्राइक नहीं की है। एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एपी को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह स्ट्राइक यूएस की थी। उन्होंने कहा कि उनके पास इस सेंसिटिव मामले पर पब्लिकली कमेंट करने का अधिकार नहीं है।
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