ईरान-अमेरिका के बीच नहीं बनी बात, ओमान वार्ता के तुरंत बाद US ने की नए तेल प्रतिबंधों की घोषणा
ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय परमाणु वार्ता शुरू हुई, जिसका उद्देश्य तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर मतभेदों को दूर करना है। हालांकि, एजें ...और पढ़ें
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टकराव की आशंकी के बीच दोनों देशों की वार्ता शुरू मतभेद अब भी जारी (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के तेल एक्सपोर्ट को रोकने के लिए नए प्रतिबंधों की घोषणा की, जिसमें 14 जहाजों को टारगेट करना भी शामिल है। यह घोषणा दुश्मनों के ओमान में एक दिन की इनडायरेक्ट बातचीत खत्म करने के कुछ ही देर बाद की गई।
टकराव की आशंका के बीच ओमान में शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय परमाणु वार्ता शुरू हुई। इसका उद्देश्य तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद को दूर करना है।
हालांकि ओमान की मध्यस्थता से हो रही बातचीत के एजेंडे को लेकर उभरे विवाद के कारण कूटनीतिक प्रयासों के पटरी से उतरने का अंदेशा बढ़ गया है।एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि वार्ता आधिकारिक रूप से शुरू नहीं हुई है।
हालांकि ईरान की मांगों को ओमान के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचा दी गई हैं। परोक्ष वार्ता संभवत: अमेरिका के मुख्य वार्ताकार और ओमान के विदेश मंत्री के बीच बैठक के बाद शुरू होगी। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि दोनों पक्ष तेहरान के परमाणु विवाद पर कूटनीतिक प्रयासों को बहाल करने में तत्परता दिखाई है।
वाशिंगटन चाहता है कि बातचीत के एजेंडे में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्र में सशस्त्र समूहों के समर्थन और अपने लोगों के प्रति उसके व्यवहार को भी शामिल किया जाए। जबकि ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान अपनी मिसाइलों पर चर्चा नहीं करेगा और वह अपने यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को मान्यता चाहता है।
एक ईरानी सूत्र ने बताया कि अमेरिकी मध्य कमान या क्षेत्रीय सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी परोक्ष परमाणु वार्ता की प्रक्रिया को खतरे में डाल सकती है, जो ओमान में ईरान और अमेरिका के बीच हो रही है। ईरान ने कहा है कि वह अपने विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पश्चिम एशियाई मामलों के अमेरिकी दूत स्टीव विटकाफ के बीच केवल परमाणु मुद्दे पर वार्ता चाहता है।
दोनों देशों के बीच बढ़ गई है तनातनी
यह वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब पिछले महीने देशभर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर ईरानी सरकार की हिंसक कार्रवाई के बाद अमेरिका के साथ तनातनी बढ़ गई है और क्षेत्रीय युद्ध का अंदेशा जा रहा है।
क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ गई और कई युद्धपोत भेजे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी युद्धपोत ईरान की तरफ बढ़ रहे हैं और बुरी चीजें होंगी।
ईरान ने दुस्साहस के खिलाफ चेतायाएएनआइ के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को किसी भी अनुचित मांग या दुस्साहस के खिलाफ संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने को लेकर अपनी तैयारी दोहराई। यह बयान ऐसे समय आया, जब ओमान के मस्कट शहर में अमेरिका और ईरान परमाणु वार्ता कर रहे हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अब्बास अराघची कर रहे हैं।
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