बांग्लादेश में अवामी लीग के स्थापना दिवस पर सुरक्षा सख्त, सेना तैनात
बांग्लादेश में अवामी लीग के स्थापना दिवस (23 जून) से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और छह संवेदनशील जिलों में सेना तैनात की गई है। ...और पढ़ें

बांग्लादेश में अवामी लीग के स्थापना दिवस पर सुरक्षा सख्त(फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश की सियासत में एक बार फिर भारी उथल-पुथल और तनाव का माहौल है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के स्थापना दिवस (23 जून) को लेकर देश में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। हिंसा और विरोध-प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए तारिक रहमान सरकार ने राजधानी ढाका समेत छह संवेदनशील जिलों में सेना को तैनात करने का आदेश जारी किया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि अभी एक हफ्ते पहले ही, 15 जून को, सेना को देशव्यापी सुरक्षा ड्यूटी से वापस बुलाया गया था, लेकिन खुफिया इनपुट्स के बाद सरकार को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अराजकता या तोड़फोड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अवामी लीग कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां
एएनआई के अनुसार, इस कड़े प्रशासनिक पहरे के बीच, सोमवार सुबह ढाका के धानमंडी इलाके से पुलिस ने अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों के 10 नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि ये लोग प्रतिबंधित अवामी लीग के समर्थन में एक 'फ्लैश मार्च' यानी अचानक जुलूस निकालने की फिराक में थे।
इनके पास से 'शेख हसीना आएंगी, बांग्लादेश मुस्कुराएगा' लिखे बैनर, युवा लीग के मोनोग्राम वाली टोपियां, टी-शर्ट और गाड़ियां जब्त की गई हैं। सरकार ने अवामी लीग की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है, जिससे विपक्ष और सत्ता के बीच टकराव लगातार तीखा होता जा रहा है।
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दुर्गा पूजा पर अल्पसंख्यकों की चिंता
आईएएनएस के अनुसार, इस राजनीतिक रस्साकशी के बीच फरीदपुर जिले से आई एक दुखद खबर ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। अवामी लीग की छात्र शाखा 'छात्र लीग' के 28 वर्षीय कार्यकर्ता मिर्जा इश्तियाक अहमद की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। स्वजनों का आरोप है कि पुलिस की बर्बर पिटाई के कारण उसकी जान गई, जिसके बाद अब इस मामले की न्यायिक जांच की मांग उठ रही है।
दूसरी ओर, इस अशांत माहौल के बीच बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में भी अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री से मुलाकात कर आगामी शारदीय दुर्गा पूजा के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की गुहार लगाई है। बांग्लादेश इस समय राजनीतिक दमन, अपनों को खोने के दर्द और अल्पसंख्यकों के डर के एक बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है।