जेन-जी आंदोलन से लेकर चुनाव तक... कितना बदल गया आज का नेपाल? समझें पूरा कालक्रम
नेपाल में पिछले साल के 'जेन-जी' आंदोलन के बाद हुए चुनावों ने नई सरकार का मार्ग प्रशस्त किया है। बालेंद्र शाह की जीत ने कई दिग्गजों को हराया, जिससे राज ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले साल अगस्त में हुए 'जेन-जी' आंदोलन के बाद नेपाल में चुनावी नतीजों नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। बालेंद्र शाह की आंधी ने कांग्रेस और कम्युनिस्टों की जीत पर ग्रहण लगा दिया है। चुनावी नतीजों के मुताबिक, कोइराला परिवार के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और माधव कुमार जैसे दिग्गज चुनाव हार गए हैं।
नए चुनाव में नेपाल के युवाओं ने जमकर हिस्सा लिया और इसके बाद प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की जगह नई सरकार का गठन होगा। अगर हालात सामान्य रहे होते तो नेपाल चुनाव की चर्चा कम होती लेकिन जेन-जी आंदोलन ने इस चुनाव को पूरी दुनिया में पहुंचाया। विशेषज्ञ इसे संविधान को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं। आइए समझते हैं जेन-जी प्रोटेस्ट लेकर चुनावी नतीजों का पूरा कालक्रम।
जेन-जी आंदोलन
नेपाल में भ्रष्टाचार के अंत और सुशासन की मांग को लेकर जेन-जी आंदोलन हुआ। सोशल मीडिया साइट्स पर बैन के बीच युवाओं ने पिछले साल राजधानी में व्यापक रूप से प्रदर्शन हुए। इस दौरान पुलिस की गोली लगने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई। हालात पर काबू करने में विफल रहे तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।
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इतना ही नहीं ओली समेत कई बड़े दलों के नेताओं को सेना के हेलीकॉप्टर से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना पड़ा। उस वक्त सिर्फ दो दिनों में 77 लोगों की मौत हो गई थी और 84 अरब रुपये से ज्यादा की संपत्ति को नुकसान हुआ था। उसी राजनीतिक संकट के बीच सुशीला कार्की के नेतृत्व में सरकार बनी और फिर इसी सरकार ने प्रतिनिधि सभा को भंग करते हुए चुनाव कराने की सिफारिश की थी।
स्थिर सरकार बनने की उम्मीद
हाल के कुछ वर्षों में नेपाल राजनीतिक अस्थिरता से गुजरा है। इसी वजह से देश में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं भी लगातार बढ़ीं। इस दौरान कई सरकारें बदलीं। ऐसे में यह चुनाव नेपाल के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
इस चुनाव का मकसद सिर्फ सरकार बदलना नहीं बल्कि आम लोगों और नेताओं के बीच के भरोसे को बहाल करना भी है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?
इस बार के चुनाव में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एक युवा का कहना है कि जेन-जी आंदोलन से पहले सोचा करते थे कि वोट दें या न दें, क्या होगा? लेकिन पिछले साल हुए इस आंदोलन ने सोच बदल दी।
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लाखों युवाओं ने पहली बार वोट डाला। इनमें वह युवा भी शामिल थे, जिन्होंने आंदोलन में हिस्सा लिया था। जेनरेशन जेड आंदोलन की वजह से मौजूदा चुनाव से युवाओं की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं।
निर्णायक साबित हो सकता है यह चुनाव
नेपाल में पिछले 17-18 वर्षों में पांच महीने में एक सरकार तो फिर पांच महीने में दूसरी सरकार बनने जैसी स्थिति रही है। 2008 में नेपाल की संविधान सभा की ओर से राजशाही को औपचारिक रूप से खत्म किए जाने के बाद से नेपाल में अब तक 15 बार सरकार बन चुकी है। अब एक बड़े विध्वंस के बाद यह चुनाव हुआ है, ऐसे में ये निर्णायक साबित हो सकता है।
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