यमन: इजरायल की एयर स्ट्राइक में प्रधानमंत्री अहमद अल-राहावी की मौत, कई मंत्री और अधिकारी भी मारे गए
यमन की राजधानी सना में इजरायल के हवाई हमले में हाउती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-राहावी की मृत्यु हो गई। हाउती संगठन ने इसकी पुष्टि की है। ईरान समर्थित हाउती गाजा पर इजरायली कार्रवाई के विरोध में इजरायल पर हमले कर रहा है। इजरायली सेना ने सना में हाउती सरकार के अधिकारियों के ठिकाने पर हमला किया था। अल-राहावी अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री थे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यमन की राजधानी सना में गुरुवार को हुए इजरायल के हवाई हमले में वहां के प्रधानमंत्री अहमद अल-राहावी की मौत हो गई है। उनके साथ कई मंत्री और अधिकारी भी मारे गए हैं। हाउती संगठन ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी है।
यमन के बड़े हिस्से पर ईरान समर्थित हाउती संगठन का कब्जा है। यह संगठन गाजा पर इजरायली कार्रवाई के विरोध में इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन छोड़ रहा है। इन हमलों से इजरायल को कई बार नुकसान हुआ है और कई लोग घायल भी हुए हैं लेकिन ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
सैन्य प्रमुख के मारे जाने के संकेत
इजरायली सेना ने शुक्रवार को कहा था कि गुरुवार की उसकी कार्रवाई में यमन के रक्षा मंत्री और सैन्य प्रमुख के मारे जाने के संकेत हैं। इजरायल के लड़ाकू विमानों ने सना में उस स्थान पर हमला किया था जहां पर हाउती सरकार के बड़े लोग एकत्रित हुए थे। लेकिन हाउती संगठन ने इस हमले में हुए नुकसान पर कोई बयान नहीं दिया था।
हाउती सरकार में प्रधानमंत्री अहमद अल-राहावी की मौत
हमले के दो दिन बाद शनिवार को हाउती ने बयान जारी किया है। अल-राहावी अगस्त 2024 से यमन की हाउती सरकार में प्रधानमंत्री थे। वह सरकार के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे तभी उन पर हमला हुआ। हाउती के हमलों के जवाब में इजरायल ने इस सप्ताह यमन पर कई बार हवाई हमले किए थे।
हाउती संगठन हमास के समर्थन में नवंबर 2023 से लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर हमले कर रहा था लेकिन इसी वर्ष मई में अमेरिका के साथ समझौता होने के बाद हाउती ने हमले रोक दिए। इसके बाद अमेरिका ने भी यमन पर हमले बंद कर दिए थे।
(समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)
यह भी पढ़ें- यमन पीछे नहीं हटेगा...अमेरिकी एयर स्ट्राइक के बाद हूतियों का बड़ा बयान, क्या मिडिल ईस्ट में बिगड़ेंगे हालात?
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।