ब्लैक होल के रहस्य से उठा पर्दा, पहली बार जेट ऊर्जा की सटीक माप; 10 हजार सूर्यों जितनी है ताकत
विज्ञानियों ने पहली बार ब्लैक होल से निकलने वाली जेट ऊर्जा को सटीक रूप से मापा है। सिग्नस एक्स-1 में स्थित इस जेट की शक्ति 10 हजार सूर्यों के बराबर है ...और पढ़ें

पहली बार जेट ऊर्जा की सटीक माप (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्लैक होल से निकलने वाली जेट ऊर्जा को विज्ञानियों ने पहली बार मापा है। ब्लैक होल के ध्रुवों से निकलने वाली अत्यधिक ऊर्जावान प्लाज्मा की धाराओं को ब्लैक होल जेट कहते हैं।
शोधकर्ताओं ने कहा कि अब तक, ब्लैक होल जेट की शक्ति का औसत हजारों वर्षों के आधार पर निकाला जाता था।अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने गुरुवार को बताया कि इस अपेक्षाकृत निकटवर्ती ब्लैक होल- स्टार सिस्टम से निकलने वाली जेट ऊर्जा 10 हजार सूर्यों के बराबर है।
कितना होता है एक प्रकाश वर्ष?
विज्ञानियों ने जेट की गति का भी पता लगाया। यह लगभग 35 करोड़ 50 लाख मील प्रति घंटा है जो प्रकाश की गति का आधा है। 7200 प्रकाश वर्ष दूर स्थित, सिग्नस एक्स-1 में न केवल ब्लैक होल है, बल्कि नीला विशालकाय तारा भी है।
एक प्रकाश वर्ष लगभग 6 ट्रिलियन मील (9.7 ट्रिलियन किलोमीटर) के बराबर होता है। नीले सुपरजायंट तारे अत्यंत गर्म, विशाल और चमकदार तारे होते हैं। ब्लैक होल अंतरिक्ष में स्थित अत्यधिक सघन खगोलीय पिंड हैं, जिनका गुरुत्वाकर्षण इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश सहित कुछ भी, यहां तक कि विकिरण भी, इससे बाहर नहीं निकल सकता।
आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के स्टीव प्रबु और उनकी टीम ने 18 वर्षों के हाई-रिजाल्यूशन रेडियो इमे¨जग डाटा का उपयोग कर इन जेट की ताकत और गति की गणना की। उन्होंने यह शोध आस्ट्रेलिया के कर्टिन विश्वविद्यालय में रहते हुए किया था।
यह अध्ययन नेचर एस्ट्रोनामी में प्रकाशित हुआ है। तारों के पवन द्वारा जेटों के झुकाव की मात्रा और कंप्यूटर माडलिंग के आधार पर प्रबु और उनके सहयोगियों ने इन डासिंग जेट की तीव्र शक्ति को मापने में सफलता प्राप्त की। इस शोध से पुष्टि हुई है कि ब्लैक होल में गिरने वाले पदार्थ से निकलने वाली कुल ऊर्जा का 10 प्रतिशत जेट के रूप में बाहर निकलता है।
क्या है डांसिंग जेट ब्लैक?
डांसिंग जेट ब्लैक होल की ऐसी शक्तिशाली जेट धाराएं हैं जो प्रकाश की गति के आधे वेग से प्लाज्मा बाहर फेंकती हैं। सिग्नस एक्स-1 में स्थित ब्लैक होल आकार में छोटा है, लेकिन यह अपने साथी तारे से लगातार गैसें खींचता रहता है क्योंकि वे एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं। इस शोध से विज्ञानी यह बेहतर ढंग से समझ सकेंगे कि ब्लैक होल आकाशगंगाओं और अन्य ब्रह्मांडीय संरचनाओं को आकार देने में कैसे मदद करते हैं।
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