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    नेपाल सरकार का एक और आदेश: नौकरी के लिए मिडिल ईस्ट जाने वालों को राहत, परमिट प्रक्रिया शुरू

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 05:06 PM (IST)

    नेपाल ने अपने नागरिकों के लिए मिडिल ईस्ट में काम करने के परमिट जारी करना फिर से शुरू कर दिया है। यह फैसला छह महीने के प्रतिबंध के बाद लिया गया है। ...और पढ़ें

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    नेपाल सरकार का नया आदेश (फोटो-सोशल मीडिया)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट में काम करने के लिए परमिट जारी करना फिर से शुरू कर दिया है। नेपाल सरकार के एक अधिकारी ने आज मंगलवार को यह जानकारी दी है।

    मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध की वजह से पिछले छह महीने से नेपाल ने लोगों को काम के लिए परमिट देना रोक दिया था। लेकिन अब इस प्रक्रिया को फिर दोबारा शुरू किया जा रहा है।

    मिडिल ईस्ट में काम करने जा सकेंगे नेपाली नागरिक

    न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल सरकार में श्रम मंत्रालय के प्रवक्ता पीतांबर घिमिरे ने बताया, 'परमिट जारी करने का यह फैसला विदेश मंत्रालय की सलाह और कामगारों की भारी मांग के बाद लिया गया है।'

    नेपाल में नागरिकों के लिए किसी विदेशी देश में नौकरी करने से पहले सरकार से वर्क परमिट लेना अनिवार्य है। हालांकि, नेपाल सरकार ने 1 मार्च से खाड़ी देशों के लिए परमिट जारी करना रोक दिया गया था। अमेरिका-इजरायल के ईरान पर 28 फरवरी को हमला करने के एक दिन बाद नेपाल सरकार ने यह फैसला लिया था।

    75% लोग मिडिल ईस्ट में करते हैं काम

    विदेश में काम करने वाले कुल नेपाली कामगारों में से लगभग 75 फीसदी मध्य पूर्व के देशों में काम करते हैं। नेपाल के ये लोग मुख्य तौर पर निर्माण स्थलों पर मजदूरों के रूप में काम करते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इन कामगारों की भेजी गई रकम इस आर्थिक तंगी से जूझ रहे नेपाल की 42 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का एक चौथाई से भी ज्यादा हिस्सा है।

    रोजगार की तलाश में नेपाल छोड़ रहे युवा

    विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 3 करोड़ की आबादी वाले नेपाल में युवाओं में बेरोजगारी की दर 20.6% है, जो दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में सबसे ज्यादा है।

    उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कम से कम 30 लाख नागरिक विदेशों में काम करते हैं। मजदूर संघों का अनुमान है कि देश में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण हर दिन लगभग 1,500 युवा विदेश में रोजगार की तलाश में नेपाल छोड़ देते हैं।

    (समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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