नेपाल में अपने जन्मस्थान पर घर बनाने का निर्मल पुरजा का सपना रह गया अधूरा, मौत से गांव में परसा मातम
पर्वतारोही निर्मल पुरजा का अपने जन्मस्थान म्याग्दी में घर बनाने का सपना अधूरा रह गया, उनकी मौत से गांव में मातम छाया है। ...और पढ़ें

HighLights
निर्मल पुरजा का जन्मस्थान पर घर बनाने का सपना अधूरा।
उनकी मौत की खबर से म्याग्दी गांव में मातम।
पैतृक घर के अवशेष बचे, चचेरी बहन गमगीन।
डिजिटल डेस्क, म्याग्दी। पर्वतारोही निर्मल पुरजा का नेपाल में अपने जन्म स्थान पर घर बनाने का सपना अधूरा ही रह गया। उनकी मौत की सूचना के बाद से गांव में मातम छाया हुआ है। जिस घर में निर्मल का जन्म हुआ था, वह गिर चुका है और अब वहां सिर्फ उसकी दीवारों के अवशेष बचे हैं।
उनकी चचेरी बहन कमला केसी ने जब से सोशल मीडिया पर मौत की खबर सुनी है तबसे आंसू रुक नहीं पा रहे हैं। वह गुरुवार से ही उस जगह पर जा रही हैं, जहां वह घर स्थित था। यह उन्हें बचपन की याद दिलाती है।
कमला केसी ने बताया, "मुझे उम्मीद थी कि मैं उनसे कभी न कभी मिलूंगी।" म्यागदी के अन्नपूर्णा रूरल म्युनिसिपैलिटी-3, दाना इलाके का तितर गांव उनके खोने के गम में डूबा हुआ है। निर्मल के सभी रिश्तेदार, बचपन के दोस्त और पड़ोसी गमगीन और खामोश हैं।
कमला बचपन को याद करते हुए बताती हैं, "निर्मल स्वभाव से ही जिद्दी थे। जो कुछ भी वह चाहते या करने की सोचते, उसे पूरा करके ही दम लेते थे। कोई भी उनका इरादा नहीं बदल सकता था। अगर मैं उन्हें ढलान पर ऊपर या नीचे जाने से मना करती, तो वह वहां जरूर जाते और उसे पार करते या उस पर चढ़ जाते।"
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(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)