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    ...जहां पार्टनर को नशीली दवाई खिलाकर होता है यौन उत्पीड़न, क्या है रेप एकेडमी? सामने आया खौफनाक सच

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 04:25 PM (IST)

    CNN की एक रिपोर्ट ने 'रेप एकेडमी' नामक एक परेशान करने वाले ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा किया है, जहाँ पुरुष आर्थिक लाभ के लिए अपनी पार्टनर को नशीली दवाएं ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक फोटो।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑनलाइन की दुनिया कितनी खतरनाक हो सकती है, इस बात का अंदाजा CNN की एक रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। एक महीने तक चली इस लंबी जांच में ऑनलाइन कम्युनिटीज का एक परेशान करने वाला ग्लोबल नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जहां पुरुष खुले तौर पर थोड़े से आर्थिक लाभ के लिए अपने ही पार्टनर को धोखा तक दे रहे है।

    हालांकि, रिपोर्ट में सबसे डरावनी बात यह नहीं है कि पुरुष अपने पार्टनर को धोखा दे रहे है, इसमें सबसे डरावनी बात यह है कि उनको इस बात का अंदाजा तक नहीं है कि, उनके साथ एक ही घर में रहने वाला व्यक्ति किस हद तक हैवानियत को पार कर चुका है।

    इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि, शादीशुदा पुरुष अक्सर अपनी पार्टनर को नशीली दवाएं खिलाकर उनके साथ यौन उत्पीड़न कर रहे है। इसके साथ ही ऑनलाइन अपने निजी पल को आर्थिक लाभ के लिए बेच रहे है। इस दौरान वे इसके बारे में चर्चा भी करते हैं और आगे की योजना भी बनाते हैं।

    CNN ने अपनी 'As Equals' सीरीज में छापी रिपोर्ट

    साल 2026 के मार्च और अप्रैल महीने में CNN ने अपनी 'As Equals' सीरीज के हिस्से के तौर पर इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया था। इस जांच से कई ऐसे राज सामने आए, जो शायद इस दुनिया में अस्तित्व में तो था, लेकिन उसकी खबर किसी को नहीं थी।

    इस तथाकथित डिजिटल यौन उत्पीड़न को 'रेप एकेडमी' का नाम दिया गया। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह वह छिपी हुई डिजिटल जगहें हैं, जहां दुर्व्यवहार को सामान्य माना जाता है, सिखाया जाता है और कुछ मामलों में, इससे पैसे भी कमाए जाते हैं।

    इसको कैसे अंजाम दिया जाता है, अगर उसकी बात करें तो, इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, प्राइवेट फोरम और टेलिग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स की मदद से किया जाता है। यहां पर सदस्य महिलाओं को बेहोश करने के लिए नशीली दवाओं का कैसे इस्तेमाल करने, पकड़े जाने से बचने और घटना का वीडियो बनाने सहित एक-एक कदम के बारे में बताया जाता है।

    करोड़ों लोग हर रोज देखते है कंटेंट

    इसमें पीड़ित अक्सर पत्नी या फिर गर्लफ्रेंड होती हैं, जिन्हें उनके ही घरों में निशाना बनाया जाता है। वहीं, इन वीडियो को जिस माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाता है। उसमें पहचाने गए मुख्य प्लेटफॉर्म में से एक Motherless.com है, जिस पर कथित तौर पर अकेले फरवरी 2026 में लगभग 62 मिलियन विजिट्स दर्ज की गई।

    यह साइट 'sleep' या 'passedout' जैसी श्रेणियों के तहत हजारों वीडियो होस्ट करती है, जिनमें महिलाएं बेहोश दिखाई देती हैं। कुछ क्लिप में, अपराधी पीड़ितों की पलकें ऊपर उठाते हैं। इसको 'eyecheck' कहा जाता है, ताकि यह दिखाया जा सके कि उन्हें नशीली दवा दी गई है। ऐसे कई वीडियो को हजारों-लाखों बार देखा गया है।

    इसके साथ ही जांच में कई प्राइवेट चैट ग्रुप भी मिले, जिनमें से एक 'Zzz' के नाम से जाना जाता है, जहां यूजर्स महिलाओं को नशीली दवाएं देने के बारे में साफ-साफ सलाह शेयर करते थे। इसमें इस्तेमाल होने वाले पदार्थ, उनकी मात्रा और उन्हें खाने या पीने की चीजों में छिपाने के तरीके शामिल थे।

    कुछ मामलों में, लोगों ने तथाकथित 'नींद लाने वाले तरल पदार्थ' बेचकर या क्रिप्टोकरेंसी के बदले हमलों की लाइव-स्ट्रीमिंग का विज्ञापन करके मुनाफा कमाने की कोशिश की। Ceuta में रहने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने Telegram पर बताया कि, "इस तरल पदार्थ की एक बोतल की कीमत 150 यूरो (लगभग 13,000 रुपये) है, और इसको खाने के बाद आपकी पत्नी को कुछ भी महसूस नहीं होगा और उसे कुछ भी याद नहीं रहेगा।"

    16 साल की शादी के बाद खुला राज

    मामले को लेकर एक पीड़ित महिला ने कहा कि, उनके पति, जिनके साथ उन्होंने 16 साल बिताए थे। उनके बेटे की नींद की दवा को पीसकर उनकी चाय में मिला देते थे और जब वह बेहोश होती थी, तो उनके साथ यौन शोषण करते थे। महिला ने आगे कहा, "हम इस बात की चिंता करते हैं कि हमारे पीछे सड़क पर कौन चल रहा है, या Facebook पर हमें कौन फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहा है। आप जानते हैं, हम देर रात पार्किंग में अपनी कार तक जाने की चिंता करते हैं, लेकिन हम इस बात की चिंता नहीं करते कि हम किसके बगल में सो रहे हैं। मुझे एहसास ही नहीं था कि मुझे इसकी चिंता करनी चाहिए।"

    उनके पूर्व पति ने 2018 में एक आम से रविवार के दिन, जब वे अपने चार बच्चों के साथ चर्च से लौटे थे, इस दुर्व्यवहार की बात को कबूल किया था। CNN की रिपोर्टिंग के बाद, ऐसे नेटवर्क के कम से कम एक प्रमुख सदस्य की पहचान करके उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

    पहले भी बाहर आया था एक मामला

    ऐसे ऑनलाइन इकोसिस्टम के खतरों ने साल 2024 में डोमिनिक पेलिकॉट के मुकदमे के दौरान दुनिया भर का ध्यान खींचा था। इस ऐतिहासिक मामले ने पूरे फ्रांस को झकझोर कर रख दिया था और सहमति (consent) के मुद्दे पर दुनिया भर में एक नई बहस छेड़ दी थी। यह मुकदमा 2024 के आखिर में पेलिकॉट और 50 अन्य पुरुषों को दोषी ठहराए जाने के साथ समाप्त हुआ।

    पेलिकॉट को अपनी पत्नी को बार-बार नशीली दवा देने और दर्जनों पुरुषों से उसका बलात्कार करवाने में मदद करने के जुर्म में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई। कम से कम 70 पुरुषों ने 200 से ज्यादा बार उसके साथ यौन शोषण किया था, जिनमें से कुछ की पहचान कभी नहीं हो पाई।

    इस मामले ने कुछ समय के लिए यह सच्चाई उजागर कर दी कि डिजिटल प्लेटफॉर्म किस तरह सुनियोजित यौन हिंसा को बढ़ावा दे सकते हैं। हालांकि, इस मामले से जुड़ी वेबसाइट को बाद में बंद कर दिया गया था, लेकिन जांचकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इसी तरह के अन्य नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं, जो अक्सर बहुत बड़े पैमाने पर और बिना किसी रोक-टोक के काम कर रहे हैं।

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