दंगे, आगजनी और लाशें... पेरिस की सड़कों पर क्यों हुआ मौत का तांडव? पूरे शहर में मचा हंगामा
पेरिस सेंट-जर्मेन की चैंपियंस लीग जीत के बाद पेरिस में जश्न हिंसा में बदल गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई, सैकड़ों गिरफ्तारियां हुईं और कई कारें जला ...और पढ़ें
-1780232976255_m.webp)
चैंपियंस लीग जीत के बाद पेरिस में बेकाबू हुए समर्थक (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने शनिवार को बुडापेस्ट में खेले गए चैंपियंस लीग फाइनल में आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। लेकिन जीत का जश्न जल्द ही फ्रांस की राजधानी पेरिस में हिंसा और अराजकता में बदल गया।
मैच खत्म होने के बाद एफिल टॉवर को पीएसजी के रंगों नीले और लाल रंग से रोशन किया गया। हालांकि कुछ ही घंटों में शहर की सड़कों पर हालात बिगड़ने लगे। रविवार सुबह तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी, 780 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और 264 से ज्यादा कारें आग के हवाले कर दी गईं।

फाइनल के बाद करीब 20 हजार समर्थक प्रसिद्ध शॉम्प्स-एलिसीज़ इलाके में जमा हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोगों को फ्लेयर जलाते, इलेक्ट्रिक बाइक में आग लगाते और दुकानों के शीशे तोड़ते देखा गया। पुलिस के अनुसार पीएसजी के पार्क दे प्रिंसेस स्टेडियम के पास एक बेकरी और एक रेस्तरां को भी नुकसान पहुंचाया गया।

पुलिस पर भी हुए हमले
मैच के दौरान स्टेडियम के बाहर 4000 से 5000 लोग मौजूद थे। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक कुछ लोगों ने पुलिस पर वस्तुएं फेंकीं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि करीब 150 समर्थकों ने स्टेडियम के एक गेट से अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
खबरें और भी

संभावित हिंसा को देखते हुए फ्रांसीसी प्रशासन ने पहले से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे देश में 22 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जिनमें से 8 हजार केवल पेरिस में मौजूद थे। इसके अलावा कई ट्राम सेवाएं रोकी गईं, कुछ मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और कई इलाकों में बस सेवाएं सीमित कर दी गईं।

मैच से पहले ही शॉम्प्स-एलिसीज़ इलाके की कई दुकानों ने अपने शीशों को लकड़ी के तख्तों से ढक दिया था। पिछले वर्ष भी पीएसजी की जीत के बाद कुछ दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं।

गृह मंत्री ने जताई नाराजगी
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने कहा कि हिंसा के दौरान सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने इन घटनाओं को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया। इससे पहले उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत बताया था। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने शहर के कई हिस्सों में आंसू गैस का इस्तेमाल किया। रातभर के अभियान में बड़ी संख्या में फ्लेयर और करीब 100 आतिशबाजी सामग्री भी जब्त की गई।

दूसरी ओर, आर्सेनल के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। क्लब लगभग दो दशक बाद पहली बार चैंपियंस लीग फाइनल में पहुंचा था, लेकिन पेनाल्टी शूटआउट में उसे हार का सामना करना पड़ा।
जीत की परेड होगी, राजनीति में भी उठा मुद्दा
हिंसा के बावजूद पीएसजी खिलाड़ियों की विजय परेड रविवार को आयोजित की जानी है। यह परेड एफिल टॉवर के पास शॉम्प-दे-मार्स क्षेत्र से गुजरेगी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी टीम के सम्मान में एक समारोह आयोजित करेंगे।

घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए दक्षिणपंथी नेता और तीन बार राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रह चुकीं मरीन ले पेन ने कहा कि "केवल फ्रांस में ही किसी फुटबॉल क्लब की जीत दंगों में बदल जाती है।" उन्होंने कहा कि जीत की रात लोगों को हिंसा से बचने के लिए अपने घरों में बंद रहने को मजबूर होना पड़ता है।

यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़ी फुटबॉल जीत के बाद हिंसा हुई हो। पिछले वर्ष पीएसजी की चैंपियंस लीग जीत के बाद भी जश्न हिंसक हो गया था और दो समर्थकों की मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2009 में बार्सिलोना की चैंपियंस लीग जीत के बाद भी समर्थकों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।