निर्वस्त्र, फिरौती और पिटाई... बांग्लादेश में मंदिर के पुजारी का अपहरण, रहमान सरकार में भी नहीं रुक रहा हिंदुओं पर हमला
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक हिंदू कानून छात्र और मंदिर के पुजारी सुभाष देउरी का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया। ...और पढ़ें

बांग्लादेश में हिंदू पुजारी के साथ मारपीट। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
ढाका में हिंदू छात्र सुभाष देउरी का अपहरण किया गया।
अपहरणकर्ताओं ने शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना दी, फिरौती वसूली।
फिरौती मिलने पर सड़क पर बेहोशी की हालत में छोड़ा।
डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस कार्यकाल में हिंदूओं के खिलाफ शुरू हुई हिंसा का दौर प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के दौर में भी जारी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कानून की पढ़ाई करने वाले हिंदू छात्र, जो मंदिर के पुजारी का काम भी करते हैं, उनका अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया, उन्हें बंधक बनाया और उनके साथ मारपीट की।
अपहरणकर्ताओं ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, उनके कपड़े उतरवाए और फिरौती की रकम का इंतजाम करने के लिए परिवार और दोस्तों को फोन करने पर मजबूर किया।
जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई करता है पीड़ित
पीड़ित की पहचान जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में कानून के छात्र 25 वर्षीय सुभाष देउरी के तौर पर हुई है। सोमवार देर रात अज्ञात लोगों के एक ग्रुप ने उन्हें निशाना बनाया और पैसे की मांग की। यह तुरंत साफ नहीं हो पाया कि देउरी को उनकी धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया गया था या नहीं।
सड़क पर बेहोशी का हालत में मिले सुभाष देउरी
बाद में मंगलवार तड़के देउरी ओल्ड ढाका इलाके की एक सड़क पर बेहोशी का हालत में मिले। उनके दोस्तों ने उन्हें इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया।
DMCH पुलिस चौकी इंचार्ज मोहम्मद फारूक ने बताया कि देउरी को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7 बजे गंभीर हालत में अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया और उनका इलाज चल रहा है। मंगलवार तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
करीब 11:30 बजे अपार्टमेंट से निकले थे सुभाष देउरी- दुर्जॉय साहा
रिपोर्ट के मुताबिक, देउरी खुलना डिवीजन के मागुरा जिले के रहने वाले हैं और राजधानी में एक दोस्त के साथ किराए के अपार्टमेंट में रहते हैं। उनके रूममेट दुर्जॉय साहा ने बताया कि देउरी सोमवार रात करीब 11:30 बजे अपार्टमेंट से निकले थे।
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स्थानीय मीडिया के हवाले से PTI ने साहा के हवाले से कहा, "मुझे उनके फोन से कॉल आया जिसमें कुछ पैसे भेजने के लिए कहा गया। मैं पैसे नहीं भेज सका क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं थे।"
अपहरणकर्ताओं ने देउरी के परिवार वालों से मांगी फिरौती
अपहरणकर्ताओं ने देउरी के परिवार वालों से भी संपर्क किया और फिरौती की मांग की। उनकी बहन जया ने Bdnews24 को बताया कि उन्हें मंगलवार तड़के करीब 1 बजे देउरी के फोन से कॉल आया, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति ने 30,000 बांग्लादेशी टका की मांग की।
रिपोर्ट के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए बैंक अकाउंट नंबर दिया और 26,000 बांग्लादेशी टका ट्रांसफर होने के बाद देउरी को ओल्ड ढाका की एक सड़क पर छोड़ दिया गया। साहा ने बताया कि बचाए जाने के बाद देउरी ने उन्हें बताया कि उसे पकड़ने वालों ने शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया; आरोप है कि उन्होंने उसके कपड़े उतरवा दिए और उसे अपने परिवार वालों से पैसे मांगने के लिए मजबूर किया।