पाकिस्तान में फिर शर्मसार हुआ इंसाफ: अपहरण के आरोपी को ही सौंपी नाबालिग ईसाई लड़की, मानवाधिकारों की उड़ीं धज्जियां
पाकिस्तान में एक चौंकाने वाली घटना में एक अदालत ने 13 वर्षीय ईसाई लड़की की हिरासत उस मुस्लिम व्यक्ति को सौंप दी है, जिस पर उसका अपहरण करने और उसे बलात ...और पढ़ें

पाकिस्तानी अदालत ने अपहरण के आरोपित को नाबालिग ईसाई लड़की की हिरासत दी
HighLights
पाकिस्तान में नाबालिग ईसाई लड़की के अपहरणकर्ता को मिली कानूनी कस्टडी
माता-पिता रोते रहे और पाकिस्तानी अदालत ने अपहरणकर्ता के पक्ष में सुना दिया फैसला
आईएएनएस, इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक चौंकाने वाली घटना में एक अदालत ने 13 वर्षीय ईसाई लड़की की हिरासत उस मुस्लिम व्यक्ति को सौंप दी है, जिस पर उसका अपहरण करने और उसे बलात इस्लाम में परिवर्तित कर शादी करने का आरोप है।
'वायस फार जस्टिस' के अध्यक्ष जोसेफ जैनसेन ने कहा कि यह फैसला उस समय दिया गया जब लड़की की उम्र जानने के लिए अदालत द्वारा आदेशित चिकित्सा परीक्षण लंबित था।
फैसलाबाद के अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश राणा सोहेल ने नाबालिग एम्बर नदीम द्वारा दिए गए शपथ पत्र को स्वीकार किया। इसमें उसने कहा कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाया और संदिग्ध मोहसिन लियाकत से शादी की और यह भी उल्लेख किया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था।
न्यायाधीश ने लियाकत को गिरफ्तारी के बाद जमानत दी, जब नाबालिग लड़की ने अपना बयान दर्ज कराया, जैसा कि क्रिश्चियन डेली इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।
जैनसेन ने क्रिश्चियन डेली इंटरनेशनल को बताया,"लियाकत 26 जून से न्यायिक हिरासत में था। एम्बर फिर आरोपित के रिश्तेदारों और वकीलों के साथ अदालत से बाहर गई, जबकि उसके गरीब माता-पिता आंसू बहाते हुए गंभीर अन्याय का सामना करते रहे।"