पाक मंत्री ने खुद को सेना प्रमुख मुनीर का ‘साधारण कार्यकर्ता’ बताया, सोशल मीडिया पर मचा विवाद
पाकिस्तान के संघीय ऊर्जा मंत्री अली परवेज मलिक ने खुद को सेना प्रमुख आसिम मुनीर का 'साधारण कार्यकर्ता' बताया, जिससे देश में एक नया विवाद खड़ा हो गया ह ...और पढ़ें

अली परवेज मलिक की फाइल फोटो।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान में सेना और सरकार के रिश्तों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। पाकिस्तान के संघीय ऊर्जा मंत्री अली परवेज मलिक ने सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
लाहौर में शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अली परवेज मलिक ने खुद को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की टीम का “एक साधारण कार्यकर्ता” बताया।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली टीम का एक साधारण कार्यकर्ता होने के नाते मैं जनता को भरोसा दिलाता हूं कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम कीमतें घटेंगी, हम यहां भी उतनी ही तेजी से कीमतें कम करेंगे।”
सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना
मंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने इसे पाकिस्तान की राजनीति में सेना के बढ़ते प्रभाव का संकेत बताया और सवाल उठाया कि क्या देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती जा रही है।
एक सोशल मीडिया यूजर फातिमा मलिक ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “जब मंत्री खुद को जनता का प्रतिनिधि बताने के बजाय ताकतवर लोगों का विनम्र कार्यकर्ता कहने लगें, तो सवाल उठता है कि यह लोकतंत्र है या वफादार सेवकों का दरबार?”
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वहीं मोहसिन अली खान नामक यूजर ने लिखा, “अली परवेज मलिक सिर्फ सच बोल रहे हैं। आज पाकिस्तान में एक संघीय मंत्री की हैसियत सेना के जनरल के साधारण कार्यकर्ता से ज्यादा नहीं है।” एक अन्य यूजर वकार अहमद ने टिप्पणी की, “फील्ड मार्शल का विनम्र कार्यकर्ता... पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) इतनी नीचे गिर चुकी है कि उसे राजनीतिक पार्टी कहना भी राजनीति का अपमान लगता है।”
पत्रकारों ने भी जताई नाराजगी
पत्रकार मलीहा हाशमी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब मंत्री लोकतांत्रिक मर्यादा का दिखावा करने की भी जरूरत महसूस नहीं कर रहे। उन्होंने कहा, “मंत्री अब पूरी तरह राजनीतिक संयम के दिखावे से भी मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने लोकतंत्र की बात करने का नाटक तक छोड़ दिया है।”
वरिष्ठ टीवी एंकर तलत हुसैन ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ जनता महंगाई और ईंधन कीमतों से परेशान है, दूसरी तरफ मंत्री टीवी कैमरों के सामने अपनी उपलब्धियों का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह शर्मनाक है कि सरकार जनता को राहत देने की बात कर रही है जबकि लोग भारी आर्थिक संकट झेल रहे हैं।”
‘हाइब्रिड सिस्टम’ पर फिर चर्चा
पाकिस्तान में लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि वहां की राजनीति और शासन व्यवस्था पर सेना का गहरा प्रभाव है। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि देश में “हाइब्रिड सिस्टम” चल रहा है।
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