ऑपरेशन सिंदूर में मात खाने के बाद पाकिस्तान का नया दांव, अमेरिका में लॉबिंग पर हर महीने खर्च कर रहा 9 लाख डॉलर
पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार के बाद पाकिस्तान अमेरिका में अपनी लॉबिंग तेज कर रहा है। अपने बिगड़ते राजनयिक और रक्षा संकटों से निपटने ...और पढ़ें
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पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ फाइल फोटो
HighLights
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान ने लॉबिंग तेज की
अमेरिका में हर माह 9 लाख डॉलर खर्च कर रहा
राजनयिक संकट से निपटने को प्रभाव खरीद रहा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान ने अपनी लाबिंग तेज कर दी है। अमेरिकी विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (एफएआरए) के तहत दर्ज आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान अपने बिगड़ते राजनयिक और रक्षा संकटों से निपटने के लिए वर्तमान में लगभग 900,000 डॉलर प्रति माह खर्च कर रहा है।
दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान ने एक मई को अमेरिकी नीति-निर्माण हलकों में अपना प्रभाव मजबूत करने के उद्देश्य से एक कंपनी के साथ 12 लाख डालर के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने कहा कि इस्लामाबाद प्रभाव खरीदने के अभियान पर है। पाकिस्तानी अधिकारियों के लिए उच्च स्तरीय पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर अनुबंधों का सक्रिय रूप से उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "12 लाख डालर के अनुबंध का जिक्र होना वाशिंगटन के लिए कोई असामान्य बात नहीं है। सभी विदेशी सरकारें समय-समय पर लाबिस्ट नियुक्त करती हैं।"
एफएआरए के सार्वजनिक आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान वर्तमान में लाबिंग पर लगभग नौ लाख डालर प्रति माह खर्च कर रहा है। इसमें गृह मंत्री की बैठकों के लिए 50,000 डालर प्रति माह का अनुबंध और व्यापार संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए 250,000 डालर प्रति माह का शुल्क लेने वाली एक अन्य फर्म शामिल है।
सचदेव ने कहा कि अक्टूबर में 25,000 डालर प्रति माह पर नियुक्त की गई एक फर्म को हाल ही में 12 लाख डालर के विशाल अनुबंध में अपग्रेड किया गया है, जो पाकिस्तान के राजनयिक जनसंपर्क अभियान में हताशा को दर्शा रहा है। (समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)
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