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    शांति वार्ता 2.0: इधर ट्रंप की धमकी, उधर जेडी वेंस इस्लामाबाद रवाना; अब पाकिस्तान में क्या होने वाला है?

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 07:55 PM (IST)

    अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच शांति वार्ता और तनाव दोनों जारी हैं। अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत की पह ...और पढ़ें

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    पाकिस्तान में होगी अमेरिका-ईरान शांति वार्ता ट्रंप की कड़ी चेतावनी (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच सीजफायर को लेकर तनाव बना हुआ है। एक तरफ शांति वार्ता की तैयारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं।

    अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक बार फिर बातचीत की पहल की है। व्हाइट हाउस के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान जाकर ईरान के साथ शांति वार्ता करेंगे। यह बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में होगी।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पाकिस्तान पहुंचेगा और ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान को एक उचित समझौता दे रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों को नष्ट कर देगा।

    सीजफायर पर टकराव बढ़ा

    ईरान ने अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को सीजफायर का उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई गैरकानूनी और आपराधिक है। उन्होंने कहा कि यह नाकेबंदी न सिर्फ पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम का उल्लंघन है, बल्कि इससे ईरानी जनता को नुकसान पहुंच रहा है, जिसे उन्होंने मानवता के खिलाफ अपराध तक बताया।

    दूसरी ओर, ट्रंप ने ईरान पर भी सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर गोलीबारी की, जो समझौते का उल्लंघन है।

    ट्रंप की सख्त चेतावनी

    ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर ईरान ने समझौता नहीं माना, तो अमेरिका 'हर पावर प्लांट और हर पुल' को निशाना बनाएगा। उन्होंने कहा कि अब 'नो मोर मिस्टर नाइस गाय' का समय है।

    उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से अमेरिका को कोई नुकसान नहीं है, बल्कि इससे ईरान को रोजाना करोड़ों डॉलर का नुकसान हो रहा है। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि एक तरफ बातचीत की कोशिश जारी है, वहीं दूसरी तरफ तनाव और टकराव भी लगातार बढ़ रहा है।

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