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    गुलाम जम्मू-कश्मीर में दूसरे दौर के मतदान के बीच फायरिंग में तीन की मौत, विपक्ष ने चुनाव पर उठाए सवाल

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 08:56 PM (IST)

    गुलाम जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में हिंसा और राजनीतिक विवादों के बीच मतदान हुआ। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. गुलाम जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण संपन्न।

    2. मुजफ्फराबाद में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं।

    3. फायरिंग में तीन लोगों की मौत की खबर, विपक्ष ने उठाए सवाल।

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान रविवार को हिंसा, सुरक्षा बंदोबस्त और राजनीतिक विवादों के बीच संपन्न हुआ। बीते दो महीने से ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण कई इलाकों में तनाव बना रहा।

    मतदान के दौरान मुजफ्फराबाद समेत कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव हुआ। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फायरिंग की घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए। हालांकि, मृतकों की संख्या और घटनाक्रम पर अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    एएनआई के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि सुरक्षाबलों ने कुछ इलाकों में घरों में तलाशी अभियान चलाया और बल प्रयोग किया। एक स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया कि 35 वर्षीय व्यक्ति की अपने घर में गोली लगने से मौत हो गई, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद कई स्थानों पर प्रदर्शन तेज हो गए और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई।

    दूसरी ओर, इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बाधित रहने से सामान्य जनजीवन और संचार भी प्रभावित रहा। युवाओं के एक वर्ग ने अशांत माहौल का हवाला देते हुए मतदान से दूरी बनाई। इस चुनाव को लेकर राजनीतिक विवाद भी गहरा गया है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान में देरी और अनियमितताओं का आरोप लगाया।

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    वहीं, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चुनाव आयोग ने एक मतदान केंद्र पर मतदान स्थगित कर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री सरदार अब्दुल कयूम नियाजी ने इंटरनेट मीडिया पर कहा कि इंटरनेट बंद होने, सड़कों के अवरुद्ध रहने और हिंसक हालात के बीच स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद करना कठिन है।