गुलाम जम्मू-कश्मीर में मुनीर की सेना की बर्बरता जारी, चार दिनों में 50 की मौत
गुलाम जम्मू-कश्मीर में जनआंदोलन के बीच पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में चार दिनों में 50 से अधिक लोग मारे गए। ...और पढ़ें
-1785593129780_m.webp)
गुलाम जम्मू-कश्मीर में जनआंदोलन में 50 से अधिक लोगों की मौत(फोटो: रॉयटर्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जेएनएन, नई दिल्ली। गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में पिछले दो महीने से जारी जनआंदोलन के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रही ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने दावा किया है कि पिछले चार दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
आइएएनएस के अनुसार, जेएएसी के सदस्य सरदार उमर नाजिर कश्मीरी ने शनिवार को इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर कहा कि बीते चार दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेहद कठोर कार्रवाई की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की जा रही है।
संगठन की ओर से जारी एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि मुजफ्फराबाद सहित कई इलाकों में देर रात तक प्रदर्शन जारी रहे। प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे हुए हैं और अपने बुनियादी अधिकारों की बहाली तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (एचआरएफ) ने पीओजेके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित बल प्रयोग की रिपोर्टों पर चिंता जताई है। संगठन ने पाकिस्तान से हिंसक कार्रवाई रोकने, मोबाइल संचार सेवाएं बहाल करने और बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
खबरें और भी
एचआरएफ ने स्थानीय नागरिक संगठनों के हवाले से आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों लोगों पर गोलीबारी की गई। संगठन ने यह भी कहा कि आंदोलनकारियों का आरोप है कि कुछ मामलों में सबूत छिपाने के लिए शवों को अस्पतालों से हटाया गया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
उधर, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) का एक प्रतिनिधिमंडल चेयरमैन सरदार शौकत अली कश्मीरी के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों से मुलाकात कर पीओजेके में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की। संगठन ने क्षेत्र में जान-माल के नुकसान को रोकने और नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
साइबर हमलों को लेकर जेएएसी का अलर्टप्रदर्शनों के बीच जेएएसी ने अपने समर्थकों के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी चेतावनी भी जारी की है। एएनआइ के अनुसार, संगठन ने दावा किया कि विशेषकर विदेश में रहने वाले समर्थकों को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से संदिग्ध फोन काल और अपुष्ट लिंक वाले संदेश भेजे जा रहे हैं।
जेएएसी ने लोगों से अनजान लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध काल से बचने और किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि संगठन की ओर से आधिकारिक जानकारी केवल सत्यापित माध्यमों से ही साझा की जाएगी।