अब मां का सरनेम अपना रहे युवा, अभिनेता ब्रैड पिट के बच्चों की पहल के बाद बढ़ा ट्रेंड
ब्रैड पिट और एंजेलिना जोली के बच्चों ने पिता का सरनेम हटाकर मां का उपनाम 'जोली' अपनाने का फैसला किया है। ...और पढ़ें

जोली-पिट के बच्चों ने पिता का सरनेम हटाया
HighLights
जोली-पिट के बच्चों ने पिता का सरनेम हटाया
यह माता-पिता के अलगाव के बाद का नया ट्रेंड
कड़वे अनुभवों से दूरी बनाने और नई पहचान की चाह
डिजिटल डेस्क, लंदन। हॉलीवुड की सबसे चर्चित कपल रहे ब्रैड पिट और एंजेलिना जोली के बच्चों ने बड़ा फैसला किया है। दरअसल कपल के बच्चों- मैडॉक्स, जाहारा और शिलोह ने माता-पिता के तलाक के बाद पिता 'पिट' का सरनेम हटाकर मां का उपनाम 'जोली' जोड़ने का फैसला किया है। इस कदम से दुनिया भर में पारिवारिक रिश्तों और पहचान को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह केवल किसी स्टार किड की कहानी नहीं है, बल्कि दुनिया भर के ऐसे लाखों युवाओं का दर्द है, जो माता-पिता के अलगाव के बाद पिता के नाम से दूरी बना रहे हैं। अधिकतर मामले में मां के प्रति बच्चों का जुड़ाव दिखा रहा है। ये नया ट्रेंड है।
कडवे अनुभव से दूरी बनाने में अहम
फैमिली काउंसलर और पारिवारिक अलगाव की विशेषज्ञ डॉ. बेका ब्लैंड के मुताबिक, 'जो बच्चे अपने माता-पिता या पिता से किसी सदमे के कारण दूर हो जाते हैं, उनके लिए पिता का सरनेम हटाना मानसिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। ऐसा करने से उन्हें हर रोज उस नाम को दोहराना नहीं पड़ता, उन्हें किसी कड़वे अनुभव या दर्द की याद दिलाता है।'
अपनी अलग पहचान बनाने की इच्छा
पिता का सरनेम हटाने की मुख्य वजहों में जो वजह सबसे बड़ी सामने आई है वह है पिता से भावनात्मक दूरी और माता से जुड़ाव. इसके साथ ही खुद के दम पर समाज में अपनी पहचान बनाना।
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द वेस्ट ऑफ इंग्लैंड यूनिवर्सिटी में पारिवारिक रिश्तों पर शोध करने वाली डॉ. लूसी ब्लेक कहती हैं कि लोग अक्सर सोचते हैं कि युवा बिना सोचे-समझे ऐसे फैसले लेते हैं, जबकि असलियत यह है कि बच्चे बरसों के सोच-विचार और गहरे मानसिक दर्द से गुजरने के बाद ही पिता का नाम छोड़ने जैसा कड़ा कदम उठाते हैं। इस प्रक्रिया में युवाओं को समाज के तानों और अकेलेपन से भी जूझना पड़ता है।