अरबपति कारोबारी जिम रैटक्लिफ ने कहा, प्रवासियों का उपनिवेश बना ब्रिटेन; विवाद बढ़ने के बाद माफी मांगी
ब्रिटेन के अरबपति कारोबारी जिम रैटक्लिफ ने अपने उस बयान पर माफी मांगी है, जिसमें उन्होंने ब्रिटेन को प्रवासियों द्वारा उपनिवेशित बताया था। प्रधानमंत्र ...और पढ़ें

ब्रिटेन के अरबपति कारोबारी जिम रैटक्लिफ। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन के अरबपति कारोबारी जिम रैटक्लिफ के बयान पर विवाद बढ़ने पर उन्हें माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि ब्रिटेन प्रवासियों का उपनिवेश बन गया है। इसकी प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर और अन्य नेताओं ने कड़ी आलोचना की।
आइएनईओएस केमिकल ग्रुप के संस्थापक और मैनचेस्टर यूनाइटेड फुटबाल क्लब के सह-मालिक, जिम रैटक्लिफ ने बुधवार को स्काई न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा था कि हाल के वर्षों में आप्रवासन में भारी वृद्धि के कारण ब्रिटेन गंभीर सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ब्रिटेन वास्तव में अप्रवासियों द्वारा उपनिवेशित किया गया है, है ना। मेरा मतलब है कि 2020 में ब्रिटेन की जनसंख्या 58 मिलियन थी, अब 70 मिलियन है।
स्टार्मर ने इन टिप्पणियों को अपमानजनक और गलत करार दिया। मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम ने भी इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए इन्हें ''गलत, अपमानजनक और भड़काऊ'' बताया।
विरोध के बाद 73 वर्षीय कारोबारी को अगले दिन अपने बयान से पीछे हटना पड़ा और उन्होंने अपनी भाषा के चुनाव के लिए खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''मुझे खेद है कि मेरे द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों से ब्रिटेन और यूरोप के कुछ लोगों को ठेस पहुंची है, लेकिन नियंत्रित और सुव्यवस्थित आप्रवासन का मुद्दा उठाना महत्वपूर्ण है जो आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है।''
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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