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    कनिष्क नारायण बने ब्रिटेन के पहले AI मंत्री, बिहार से क्या है कनेक्शन?

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 09:24 PM (IST)

    ब्रिटेन की नई सरकार ने भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को अपना पहला AI मंत्री नियुक्त किया है। ...और पढ़ें

    भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण

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    डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम पदभार संभालने के कुछ घंटों के अंदर ही अपनी कैबिनेट को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने भारतीय मूल के कनिष्क नारायण को प्रमोट करके कैबिनेट में जगह दी है और एआइ मंत्री बनाया है।

    जबकि भारतीय मूल की लिसा नंदी को भी कैबिनेट में जगह मिली है। उन्हें संस्कृति मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है। इससे जाहिर होता है कि बर्नहम के नेतृत्व वाली सरकार में भारतीय मूल के नेताओं का कद बढ़ा है।

    "किंग आफ द नार्थ" नाम से मशहूर 56 वर्षीय बर्नहम ने सोमवार को नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। पिछले एक दशक में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बने बर्नहम ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट से अपने पहले संबोधन में देश में अस्थिरता का दौर खत्म करने और स्थिर व जिम्मेदार राजनीति देने का वादा किया है।

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    कनिष्क नारायण ब्रिटेन के पहले AI मंत्री नियुक्त

    वह शुक्रवार को सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के निर्विरोध नेता चुने गए थे। पीएम पद संभालने के कुछ घंटों के अंदर ही वह अपनी नई टीम को अंतिम रूप दिया और पूर्व प्रधानमंत्री किए स्टार्मर के समर्थकों को बाहर का रास्ता का दिखाया। बर्नहम ने पूर्व रक्षा मंत्री जान हीली को वित्त मंत्री बनाया है, जबकि पूर्व ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड को विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है।

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    बर्नहम ने नारायण और नंदी दोनों को पदोन्नत किया है। नंदी पूर्ववर्ती स्टार्मर सरकार में संस्कृति, मीडिया और खेल राज्य मंत्री रहीं। जबकि बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे 36 वर्षीय नारायण ने पूर्ववर्ती स्टार्मर सरकार में एआइ मामलों के जूनियर मंत्री के तौर पर काम किया। बचपन में ही उनका परिवार वेल्स की राजधानी कार्डिफ आ गया था।

    आक्सफोर्ड और स्ट्रैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले नारायण ने प्राइवेट सेक्टर में कुछ समय बिताने के बाद राजनीति में प्रवेश किया था। वह भारत-ब्रिटेन के मजबूत संबंधों के पक्षधर हैं। जबकि मैनचेस्टर में जन्मीं 44 वर्षीय लिसा नंदी का कोलकाता से जुड़ाव है। कोलकाता में जन्मे उनके पिता दीपक नंदी शिक्षाविद रहे, जबकि उनकी मां लुईस बायर्स ब्रिटिश हैं।

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    कनिष्क नारायण कौन हैं?

    बिहार में जन्मे कनिष्क नारायण 12 साल की उम्र में ही कार्डिफ चले गए थे। उनके लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के अनुसार, कैथेज हाई स्कूल में शुरुआती पढ़ाई के बाद, नारायण ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की डिग्री हासिल की।

    उन्होंने 2024 में राजनीति में कदम रखा और वेल्स में 'वेल ऑफ ग्लैमॉर्गन' के सांसद बने। इसके साथ ही, नारायण वेल्स से पहले एथनिक माइनॉरिटी सांसद बनकर इतिहास रचने वाले व्यक्ति बने।

    जुलाई 2024 और सितंबर 2025 के बीच, उन्होंने पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग के लिए संसदीय निजी सचिव के तौर पर भी काम किया। बिहार में जन्मे ये सांसद 'अटेन वेल्स' के सह-संस्थापक भी थे। यह दक्षिण वेल्स में सामाजिक गतिशीलता और शिक्षा पर केंद्रित एक गैर-लाभकारी कार्यक्रम है।

    पीएम मोदी ने बर्नहम को दी बधाई

    नई दिल्ली, प्रेट्र: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एंडी बर्नहम को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद संभालने पर बधाई देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हैं। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर एंडी बर्नहम को हार्दिक बधाई।

    मैं भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने व हमारे साझा विजन 2035 को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।" इधर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से ब्रिटेन की विदेश मंत्री बनाए जाने पर एड मिलिबैंड को बधाई दी है।

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