गुलाम जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी सेना कर रही अत्याचार, ब्रिटेन में कश्मीरी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध-प्रदर्शन
पीओके में सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार और हत्याओं के विरोध में यूके के ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के बाहर कश्मीरी कार ...और पढ़ें
HighLights
प्रदर्शनकारियों ने रावलाकोट और मीरपुर क्षेत्रों में पिछले दो दिनों के दौरान हुई घटनाओं की निंदा की
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने हिंसा पर चिंता व्यक्त की
डिजिटल डेस्क, लंदन। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार और हत्याओं के विरोध में यूके के ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के बाहर कश्मीरी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने रावलाकोट और मीरपुर क्षेत्रों में पिछले दो दिनों के दौरान हुई घटनाओं की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बुनियादी अधिकारों और बेहतर शासन की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया और गोलीबारी की, जिसमें कई नागरिक मारे गए।
प्रदर्शनकारियों ने प्लेकार्ड्स लेकर और नारे लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके में दमन बंद करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव डालने की अपील की।
यूएन की प्रतिक्रिया
इस अशांति ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने हिंसा पर चिंता व्यक्त की। यूएन हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स वोल्कर तुर्क ने शांति की अपील की और कहा कि जून से अब तक दर्जनों लोग (ज्यादातर प्रदर्शनकारी और कुछ कानून प्रवर्तन अधिकारी) मारे गए हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील की।
भारत का रुख
भारत ने पीओके में हो रही घटनाओं पर अपना पारंपरिक रुख दोहराया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि ये प्रदर्शन इस्लामाबाद द्वारा पीओके में दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण और प्रशासनिक दमन का सीधा परिणाम हैं।