250 साल बाद लंदन में मिली अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा की दुर्लभ प्रति, 1776 में छपी थी कॉपी
ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स में अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा की 250 साल पुरानी एक दुर्लभ प्रति मिली है। ...और पढ़ें

HighLights
ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स में दुर्लभ प्रति मिली।
अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा की 250 साल पुरानी कॉपी।
ब्रिटिश नौसेना ने 1776 में इसे जब्त किया था।
डिजिटल डेस्क, लंदन। अमेरिका के स्वतंत्रता इतिहास से जुड़ी एक बेहद दुर्लभ खोज ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स में हुई है। यहां वर्ष 1776 में छपी अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा की एक दुर्लभ प्रति मिली है। यह 250 सालों से खोई हुई थी। यह अमेरिका के बाहर सुरक्षित मिली अपनी तरह की एकमात्र ज्ञात कॉपी है।
ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स की एक प्रेस रिलीज के अनुसार, यह दस्तावेज उन 11 ज्ञात प्रतियों में से एक है जिन्हें 'एक्सेटर प्रिंटिंग' कहा जाता है। इन्हें 4 जुलाई 1776 को 'डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस' को अपनाए जाने के कुछ ही दिनों बाद न्यू हैम्पशायर के एक्सेटर में तैयार किया गया था। इस शुरुआती प्रिंटिंग का मकसद अमेरिकी आजादी की खबर को सभी लोगों तक पहुंचना था।
रूटीन कैटलॉगिंग प्रोजेक्ट के दौरान मिली
यह दस्तावेज मई में वॉलंटियर रिसर्चर माइकल स्कुर को तब मिला जब वह अमेरिकन रिवोल्यूशनरी वॉर (अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम) के रिकॉर्ड्स की कैटलॉगिंग कर रहे थे। 'द एसोसिएटेड प्रेस' के अनुसार, स्कुर को यह घोषणापत्र रॉयल नेवी के कैप्टन के कागजात के बीच मिला, जो सदियों से आर्काइव्स में बिना छुए रखे हुए थे।
स्कुर ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' को उस पल को याद करते हुए बताया जब उन्हें इस खोज के महत्व का एहसास हुआ। नेशनल आर्काइव्स ने बताया कि यह घोषणापत्र उन दस्तावेजों में शामिल था जिन्हें दिसंबर 1776 में ब्रिटिश सेना द्वारा अमेरिकी प्राइवेटियर जहाज 'डाल्टन' को कब्ज़े में लेने के बाद रॉयल नेवी ने जब्त किया था।
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1776 में ब्रिटिश नौसेना ने किया था जब्त
नेशनल आर्काइव्स के मुताबिक, यह दस्तावेज दिसंबर 1776 में ब्रिटिश नौसेना ने अमेरिकी निजी युद्धपोत डाल्टन से जब्त कर लिया था। जब्त किए गए दस्तावेजों में डाल्टन का आधिकारिक आयोग, युद्ध संचालन से जुड़े निर्देश और स्वतंत्रता घोषणा की यह कॉपी शामिल थी बाद में यह कॉपी गुम हो गई थी।
इतिहासकार बताते हैं कि यह क्यों छिपा रहा
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में नॉर्थ अमेरिकन इतिहास के प्रोफेसर निकोलस गुयाट ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि उस समय ब्रिटिश अधिकारियों को इस दस्तावेज के ऐतिहासिक महत्व का तुरंत पता नहीं चला था। ब्रिटिश नजरिए से यह एक साधारण दस्तावेज था। इसे वापस लंदन भेज दिया गया और फिर यह आर्काइव्स से गायब हो गया।
यह खोज 4 जुलाई को 'डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस' (स्वतंत्रता की घोषणा) को अपनाए जाने की सालगिरह से ठीक पहले सामने आई है। इससे इतिहासकारों को यह जानने का एक दुर्लभ मौका मिला है कि क्रांतिकारी युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिकी स्वतंत्रता की खबर कैसे फैली थी।