सदी के अंत तक 39 फीसदी ग्लेशियर खत्म होने का खतरा, बढ़ेगा फ्लैश फ्लड और पेयजल का संकट

ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे जल संकट और बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। एक अध्ययन के अनुसार, 2100 तक 39% ग्लेशियर खत्म हो सकत...और पढ़ें
विवेक तिवारी जागरण न्यू मीडिया में एसोसिएट एडिटर हैं। लगभग दो दशक के करियर में इन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में कार् ...और जानिए
ग्लोबल वार्मिंग से ग्लेशियर पिघल रहे
2100 तक 39% ग्लेशियर खत्म होने का खतरा
ब्लैक कार्बन से ग्लेशियर पिघलने की गति बढ़ी
नई दिल्ली, जागरण प्राइम। ग्लोबल वार्मिंग के चलते दुनिया भर में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ये एक बड़े खतरे की आहट है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस साल अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस 2025 की थीम 'ग्लेशियर पहाड़ों और उसके बाहर पानी, भोजन और रोज़ी-रोटी के लिए ज़रूरी हैं' रखी गई है।

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