दिल्ली पुलिस की ओर से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े संदिग्ध आतंकियों के एक और गुट का भंडाफोड़ यही बताता है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर साजिश रचने में लगा हुआ है और उसने भारत के संवेदनशील ठिकानों की जासूसी के लिए एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया है।

चिंता की बात केवल यह नहीं कि पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले संदिग्ध आतंकी उसे महत्वपूर्ण स्थलों के लाइव फुटेज भेज रहे, बल्कि यह भी है कि वे ऐसे ठिकानों की भी जानकारी प्रेषित कर रहे, जहां आतंकी हमले किए जा सकें। इसका मतलब है कि आपरेशन सिंदूर में पस्त होने से बौखलाया पाकिस्तान भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हर संभव तरीके से हाथ-पांव मार रहा है।

एक ओर वह अमेरिका की चापलूसी करके अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने की चेष्टा के साथ खुद को शांति दूत के रूप में पेश कर रहा है और दूसरी ओर आतंक को पालने-पोसने से बाज नहीं आ रहा है। वह जैसी खतरनाक भारत विरोधी हरकतों में लिप्त है, उनसे यही पता चलता है कि वह पहले की ही तरह जिहादियों को तैयार करने में लगा हुआ है।

भारत को पाकिस्तान को चेताने के साथ ही उसके शैतानी चेहरे को बेनकाब करने के लिए नए सिरे से सक्रियता दिखानी होगी, क्योंकि उसके यहां का आतंकी ढांचा जस का तस है। वहां किस प्रकार पहले की ही तरह जिहादी तैयार हो रहे हैं, इसका ताजा उदाहरण हाल में कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकी की गिरफ्तारी है। इसके अलावा गत दिनों एक पाकिस्तानी इस्लामिक स्टेट से प्रेरित होकर न्यूयार्क के एक यहूदी केंद्र पर आतंकी हमले की साजिश में पकड़ा गया।

इस पर अमेरिका के साथ पश्चिम के अन्य देशों को भी गौर करना होगा, क्योंकि यह पहला ऐसा मामला नहीं, जब कोई पाकिस्तानी आतंकी विदेश में किसी आतंकी हमले की साजिश में लिप्त पाया गया हो। दुनिया को समझना होगा कि पाकिस्तान अब भी आतंक का निर्यात करने में लगा हुआ है। वह भारत के साथ अफगानिस्तान को भी अस्थिर करने की ताक में है। हमारे नीति-नियंताओं को इससे चिंतित होना चाहिए कि पाकिस्तान को अपने लिए जासूसी करने यानी भारत से गद्दारी करने वाले तत्व इतनी आसानी से कैसे मिल जा रहे हैं।

इससे इन्कार नहीं किया जा सकता कि वे या तो जिहादी बनने के उन्माद से ग्रस्त होकर पाकिस्तान के हाथों में खेल रहे हैं या फिर पैसों के लालच में देश के दुश्मन बन जा रहे हैं। यह गंभीर बात है कि पिछले एक अर्से से ऐसे तत्व बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों से पकड़े गए हैं, जो पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में थे और उनके लिए भारत में आतंक फैलाने के लिए काम कर रहे थे। साफ है कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों को और अधिक चौकसी बरतनी होगी।